अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत

*जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न*

 

CCN छिन्दवाड़ा/ 29 जनवरी 2023/ कलेक्टर एवं जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति के अध्यक्ष श्री मनोज पुष्प की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई । बैठक में समिति के सदस्यगण विशेष लोक अभियोजक मो. आरिफ खान, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी श्री दिनेश कुमार उईके, उप संचालक जिला अभियोजन अधिकारी श्री जी.के.हालदार, निरीक्षक थाना अजाक श्रीमती माधुरी मर्सकोले, सदस्य सचिव सहायक संचालक जनजातीय कार्य विभाग श्री उमेश सातनकर, अजाक्स अध्यक्ष श्री एस.बी.इनवाती, जिला योजना अधिकारी श्री यशवंत वैद्य, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र श्री जगदीश इरपाची और जनप्रतिनिधि श्री सोहन वेलवंशी व श्री मनोज चौरे उपस्थित थे ।

बैठक में बताया गया कि विगत 6 माहों में छिंदवाड़ा जिले एवं अन्य जिले के मिलाकर अनुसूचित जाति के 81 व अनुसूचित जनजाति के 93 प्रकरण प्राप्त हुए हैं एवं पूर्व के लंबित प्रकरणों को मिलाकर इनकी कुल संख्या क्रमश: 102 और 123 हैं। अनुसूचित जाति के कुल 102 प्रकरणों में से सभी में राशि स्वीकृत की गई है और अभी तक 62 प्रकरणों में 62.25 लाख रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति के कुल 123 प्रकरणों में से सभी में राशि स्वीकृत की जाकर अभी तक 79 प्रकरणों में 101 लाख रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। बैठक में थाना प्रभारी पुलिस थाना अजाक द्वारा बताया गया कि एक जून से 31 दिसंबर 2023 तक अनूसूचित जाति व जनजाति के 172 पंजीबध्द प्रकरणों में से 148 प्रकरणों में चालान प्रस्तुत किये जा चुके हैं और 23 प्रकरणों में विवेचना जारी है जिसमें से 9 प्रकरण जाति प्रमाण पत्र के अभाव में लंबित है । बैठक में कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष श्री पुष्प ने जाति प्रमाण पत्र के अभाव में लंबित प्रकरणों में उत्पीड़ितों की सूची तत्काल जनजातीय कार्य विभाग को अपर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने और शेष प्रकरणों में शीघ्र विवेचना पूर्ण कर चालान प्रस्तुत करने की कार्यवाही करने के निर्देश थाना प्रभारी अजाक को दिये गये । साथ ही निर्देश दिए गए कि जैसे ही अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित प्रकरण दर्ज करते हैं, यह देख लें कि जाति प्रमाण पत्र है या नहीं। नहीं है तो लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से शीघ्र बनवाने में सहयोग करें, जिससे प्रकरणों का यथाशीघ्र निराकरण सुनिश्चित हो सके। सहायक संचालक जनजातीय कार्य विभाग ऐसे सभी प्रकरणों का फॉलो अप लेकर अगली

टीएल बैठक में जानकारी प्रस्तुत करें