किसानों से गोबर एवं गौमूत्र खरीदने शुरू हो, कृष्ण गौधन योजना 

CCN/डेस्क
प्रदेश को जैविक प्रदेश बनाने हेतु चले जनसहभागिता से अभियान 
रवीन्द्र सिंह पर्यावरण कृषि वानिकी प्रमुख राष्ट्रीय राजपूत समन्वय संगठन 
आज भगवान कृष्ण का जन्मदिन पूरे देश में भव्यता से मनाया जा रहा हैं आज के दिन व्रत रखकर इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते है भगवान कृष्ण प्रकृति पूजक थे उन्होंने गोवर्धन यमुना ,कदम वृक्ष कालिया नाग ,जल में थल व नव में जाकर प्रकृति की रक्ष़्ाा का संकल्प लिया समुद्र के बीच में जाकर अपनी राजधानी द्वारका बनायी। गौसेवा एवं दूध ,दही उनके बचपन का शौक रहा और गौसेवा के माध्यम से उन्होंने अपने मित्रों को जोड़कर रखा । वह गौधन के माध्यम से समाज ेको सम्पन्न एवं संस्कारवान बनाया आज जरूरत देश को कि जैविक खेती को बढा़वा दिया जायें एवं गौ घी ,गौ दूध एवं दही का अधिक से अधिक उत्पादन हो। किसान आत्म निर्भर बनने हेतु पुनः अपने परिवार में 3 या 4 गाय पलाने लगे तो उसे निजी भूमि पर रासायनिक खाद की जगह पर गौमूत्र एवं जैविक खाद मिलेगी ,जिससे रासायनिक खाद कीटनाशक खरीदने में जो किसान को खर्च करना पड़ा है वह बचेगा तथा सब्जी ,फल एवं ,खाद्य से होने वाली भयंकर बीमारियों से भी निजात मिलेगी। आज हम भगवान कृष्ण के जन्मदिन पर संकल्प ले कि हम अधिक से अधिक देशी गाय का पालन कर स्वयं को स्वस्थ रखेंगे ,समाज को स्वस्थ रखेंगे तथा कृषि में रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का उपयोग बंद करेगे। कृष्ण भगवान ने अपने जीवन में गीता का संदेश समाज को दिया और बताया कि मनुष्य कर्मयोगी बने एवं अपना स्वालंबन से जीवन यापन करें। 
छिन्दवाड़ा जिले में प्रत्येक ब्लाॅक में कलस्टर का चुनाव कर कम से कम एक कलस्टर में 20 गाॅंव लेकर उन्हें पूर्ण जैविक ग्राम बनाने का प्रयास पंचायतें जिला एवं जनपद पंचायतों के माध्यम से कृषि उद्यानिकी एवं वन विभाग के माध्यम से  बनाया जावें यहाॅं से प्रेरणा लेकर अन्य गांव भी भविष्य में जैविक ग्राम बन सके यह आज कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर संकल्प लें तो आज भगवान कृष्ण की संकल्पना को साकार किया जा सकता है जिले की गौशालाऐं जैविक खाद उत्पादन करें एवं कृषि वन एवं उद्यानिकी की नर्सरियों में अधिक से अधिक जैविक खाद बनायी जावें। किसानों को जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण एवं जैविक कृषि अपनाने हेतु सरकार द्वारा अनुदान एवं प्रशिक्षण ज्यादा से ज्यादा दिया जावे । यह कदम भी आज से जिले में प्रदेश में लागू करने पर विचार किया जावें। धार्मिक स्थलों पर कदम का वृक्ष लगाया जावें। मेढ़ों पर आंवला ,आचार ,आम ,अमरूद ,अंगूर ,अनार ,अमरूद ,नीबू ,पपीता ,सीताफल ,संतरा,कटहल , मौसंबी के वृक्षों का अधिक से अधिक रोपण कृष्ण भगवान के जन्मदिन से लगाया जावें एवं जन्मदिनों के अवसर पर उपरोक्त फलदार पौधे लगाने एवं उपहार में देना शुरू किया जावें। 
      रवीन्द्र सिंह मो.नं.-6261935317