प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भारतीय मजदूर संघ ने ज्ञापन सौंपा

छिन्दवाड़ा:- आज दिनांक 09/09/2019 को भारतीय मजदूर संघ छिन्दवाड़ा के द्वारा केन्द्रीय कार्यसमिति के 13-15 अगस्त 2021 तक अयोध्या उत्तरप्रदेश में सम्पन्न हुयी बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार केन्द्र एवं राज्य सरकार को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपते हुये यह मांग की कि वर्तमान में जारी मूल्यवृद्धि /मंहगाई के खिलाफ प्रवाही कार्यवाही की जायें।
केन्द्र स्तरीय समस्याऐं:  अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 (1) में की गयी उपरोक्त छूट को तुरन्त वापस लिया  जाय। उत्पादनकर्ता द्वारा प्रत्येक वस्तु की लागत मूल्य की घोषणा को अनिवार्य करने का कानून बनाकर इसे लागू किया जाय । आवश्यक वस्तुओं एवं पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में बढ़ोत्तरी पर नियन्त्रण रखना। पेट्रोलियम पदार्थो के प्रतिदिन कीमत निर्धारण पद्धति का समापन करना और पेट्रोलियम पदार्थो को जी.एस.टी. के दायरे में लाया जाय। धातुओं एवं अन्य वस्तुओं की अन्तर्राष्ट्रीय कीमतों में  बढ़ोत्तरी के छद्म बहाने द्वारा व्यक्तियों एवं कम्पनियों का गैर वाजिब लाभ रोकना और इस तरह के मामलों में दोषी व्यक्तियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्यवाही करना ।किसानों को पारिश्रमिक भुगतान द्वारा खाद्य पदार्थो के उत्पादन में बढ़ोत्तरी हेतु कदम उठाना। खाद्य तेलों ,दालों एवं अन्य खाद्य  पदार्थो के सन्दर्भ में देश को आत्म निर्भर बनाने के लिए खाद्य पदार्थो के मूल्यों पर नियन्त्रण  आवश्यक है इस हेतु लम्बी अवधि के लिए योजना  बनायी जाय । सार्वजनिक क्षेत्रों एवं निजी क्षेत्रों दोनों के श्रमिको /कर्मचारियों के वेतन बढ़ाकर ,मंहगाई की क्षतिपूर्ति हेतु कदम उठाना।
राज्य स्तरीय समस्याऐं: कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्णय  के अनुसार रिवीजन आॅफ पेय एण्ड एलाउंस रूल लागू होने के बाद से मंहगाई भत्ता प्राप्त करना सरकारी कर्मचारियों का कानूनी अधिकार हैं। अतःरूके हुये मंहगाई भत्ते का शीघ्र भुगतान किया जायें ।  राज्य के कर्मचारियों के लिये नई पेंशन स्कीम ( एन.पी.एस.2004 ) को समाप्त कर पुरानी पेंशन  योजना को बहाल किया जायें। आशा ,उषा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजना एवं पेंशन लागू की जावें।
वर्तमान में जारी सभी प्रकार के पेंशन डी.ए.के साथ लिविंग इनडेक्स के साथ जोड़ा जावें। शहरी एवं ग्रामीण असंगठित मजदूरों के लिये बनाये गये श्रम कल्याण मंडल के घरेलू कामगार श्रमिकों के लिये कल्याणदायी मंडल (ॅमसंितम इवंतक ) की स्थापना की जावें। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाये तथा सातवें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाये। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत देश के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रांे को प्राथमिक विद्यालय की मान्यता दी गयी है ,तदानुरूप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को प्री प्रायमरी शिक्षक का दर्जा दिया जाये। प्रदेश की नगर निगम ,नगर पालिका,नगर पंचायत एवं नगर परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को कलेक्टर दर से वेतन का भुगतान किया जावें।  प्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत 5 वर्ष से अधिक का सेवाकाल पूर्ण करने वाले दैनिक वेतन भोगी का नियमितीकरण किया जावें। म.प्र.उच्च न्यायालय द्वारा श्रमिक /कर्मचारियों के हित में पारित किये न्यायिक निर्णय में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जावें। कोरोना काल में दिवंगत हुये शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को योग्यता के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति तत्काल प्रदान की जावें। लंबे समय से चली आ रही छटवें एवं सातवें वेतन आयोग की विसंगतियाॅं को समाप्त कर कर्मचारी/श्रमिकों को न्याय दिलाया जावें।
ज्ञापन को सौंपते समय संजय सिंह प्रदेश अध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ ,विभाग प्रमुख संजय शक्रवार ,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश श्रीवास्तव ,जिलाध्यक्षा श्रीमति मंजू राहंगडाले ,नारायण सारटकर  अध्यक्ष भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ,जयशंकर विरहा कार्यकारी अध्यक्ष जिला समिति, छिन्दवाड़ा ,श्री अंचल सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष ,श्रीरामकुमार मालवी ,डाॅ.महेन्द्र कुमार मौर्य,रमेश शर्मा,दिनेश डेहरिया ,संजय डेहरिया,प्रभु सिंह ,तालुकदार सिंह की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा। आज के धरना प्रदर्शन की प्रस्ताविका श्री कुंवर सिंह महामंत्री भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के द्वारा रखी गयी तथा इस संबंध में उपस्थित जन सामान्य हेतु एक पत्रक का भी वितरक किया गया । कार्यक्रम के अंत में विभाग प्रमुख श्री संजय शक्रवार के द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों  द्वारा दिये गये सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया गया । धरना स्थल पर बाद में जिला पदाधिकारियों नगर पालिका के कर्मचारियों के एक संक्षिप्त बैठक सम्पन्न हुयी तथा निर्णय लिया गया आगामी 12/09/2021 को जिले की बैठक की आयोजित कर आगामी कार्यक्रमों पर विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया ।
राकेश श्रीवास्तव
सहसंयोजक विधि प्रकोष्ठ एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य 
  भारतीय मजदूर संघ ,जिला छिन्दवाड़ा