भाजपा सांसद वरुण गांधी ने सरकार की कृषि नीति पर उठाए सवाल, पुनर्चिंतन की बताई जरूरत

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भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक किसान द्वारा धान में आग लगाने के वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, उत्तर प्रदेश के किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी।

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने किसानों की दुर्दशा का हवाला देते हुए कृषि नीति पर फिर से विचार करने की मांग की है। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे दावों के विपरीत धान खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए वरुण गांधी ने एक वीडियो ट्वीट कर खेती-किसानी से जुड़ी सरकार की नीतियों पर सवाल उठा दिया है। भाजपा सांसद ने एक किसान द्वारा धान में आग लगाने के वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, उत्तर प्रदेश के किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे, जब धान बिका नहीं तो निराश होकर इसमें स्वयं आग लगा दी। इस व्यवस्था ने किसानों को कहां लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

 

कृषि, धान खरीद और किसानों की हालत में सुधार के भाजपा सरकार के तमाम दावों पर वरुण गांधी के इस ट्वीट ने सवालिया निशान लगा दिया है। इससे पहले 21 अक्टूबर को भी उत्तर प्रदेश के तराई इलाकों में आई बाढ़ को लेकर सरकार की राहत नीति पर सवाल उठाते हुए वरुण गांधी ने कहा था कि अगर इस तरह के संकट के समय भी लोगों को खुद ही अपनी मदद करनी है तो फिर सरकार की जरूरत क्या है?

बयानों से पार्टी को असहज कर देते हैं वरुण गांधी
आपको बता दें कि इससे पहले वरुण गांधी लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर योगी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर भी सवाल उठा चुके हैं। वरुण लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या की गई है और हिंसा के सहारे किसान आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। हाल के दिनों में वरुण गांधी के बयानों की वजह से उनकी अपनी पार्टी को लगातार असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।