मृत महिला पहुंची, इंसाफ मांगने..! आखिर कैसे मृत महिला हुई जीवित..?

सचिव डकार गया, मृत्यु उपरांत मिलने वाली सहायता राशि…

छिंदवाड़ा में उजागर हो रहा है बड़ा घोटाला…

छिंदवाड़ा:- जी हां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जीवित लोगों को मृत घोषित करके शासन से मिलने वाली राशि निकालने का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. जिसमें लगभग 23 जीवित लोगों को कोरोना से मृत्यु दर्शा कर, शासन से मिलने वाली 2 लाख रुपए सहायता की राशि निकाल ली गई है… तो वहीं जीवित लोगों को दुर्घटना में मृत्यु दर्शा कर, उनके मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी बना ली गई और दुर्घटना में मिलने वाली 4 लाख रुपए की राशि डकार ली गई…

यह सारा कारनामा छिंदवाड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बहना खैरी का है.. जहां 3 दिन पहले ही सचिव द्वारा 23 लोगों को कोरोना से मृत बता कर उनके मृत्यु प्रमाण पत्र भी बना लिए गए और शासन से मिलने वाली राशि निकाल ली गई. अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि इसी पंचायत का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है… इस बार तो सचिव और उसकी कथित टीम ने गांव की एक बुजुर्ग महिला श्रीमती किरन मालवी को दुर्घटना में मृत बताकर, उनका मृत्यु सर्टिफिकेट बना लिया, साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी बन गई…. जिसके बाद पंचायत के इन नटवरलालों ने, उक्त महिला को मृत घोषित कर शासन से मिलने वाली 4 लाख रुपए की सहायता राशि भी निकाल ली…

आपको बता दें कि 3 दिन पहले जब गांव के 23 लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर कोरोना से मृत घोषित कर, शासन की राशि का गबन कर लिया गया था, इस मामले में प्रभारी मंत्री कमल पटेल के हस्तक्षेप के बाद, संबंधित पंचायत के सचिव सहित अन्य के विरुद्ध एफ आई आर की कार्यवाही की गई थी, साथ ही प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने कलेक्टर से जिले की सभी पंचायतों की जांच के आदेश भी दिए थे… जिसके बाद, जिले में इस तरह के मामले उजागर होना शुरू हो गए हैं… उक्त मामला मीडिया में आने के बाद इस महिला के परिवार वालों को खबर लगी कि, उनकी माता अब इस दुनिया में नहीं रहीं, क्योंकि पंचायत के सचिव एवं अन्य लोगों ने मिलकर उन्हें दुर्घटना में मृत घोषित कर दिया है, और साथ ही उनका नाम वोटर आईडी से काट दिया गया है… जिसके बाद यह परिवार हरकत में आया और छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की है. पीड़ित महिला एवं उनके बेटे का कहना है कि सरपंच सचिव के द्वारा मिलीभगत से जीवित इंसान को मृत घोषित कर दिया गया और वोटर लिस्ट से भी नाम काट दिया गया है. हम चाहते हैं की इस मामले की पूरी जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और हमारे नाम राशन कार्ड और वोटर लिस्ट में जोड़े जाएं….