सब सीखे सतरंज अभियान का शुभारंभ

छिंदवाडा/तामिया:- शासकीय महाविद्यालय तामिया में सब सीखे शतरंज अभियान का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं आर्बिटर श्री संघर्ष सोनी एडवोकेट छिंदवाड़ा द्वारा किया इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री नितिन दत्ता एवं प्राचार्य डॉ महेंद्र गिरी के साथ ही वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ मालती बनारसे एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे आमंत्रित मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी ने अपने प्रेरणास्पद उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय द्वारा सब सीखे शतरंज अभियान की शुरुआत कर महाविद्यालय ने छात्र-छात्राओं के उच्च बौद्धिक विकास का मार्ग प्रशस्त कर दिया है क्योंकि जिस तरह से किसी व्यक्ति को जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा की आवश्यकता होती है उसी प्रकार मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए शतरंज ही एकमात्र ऐसा खेल है जिसे खेलने के लिए सभी को आगे आना चाहिए इस खेल द्वारा बौद्धिक विकास के साथ-साथ जीवन में निर्णय की स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है, शतरंज खेल द्वारा कोई भी इसमें महारत हासिल कर सकता है और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बन सम्मान एवं ख्याति प्राप्त कर सकता है महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है खेलों के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है उन्होंने आगे बताया कि शतरंज जीवन में कठिन समय में निर्णय एवं संघर्ष लेने की क्षमता का विकास कर व्यक्ति के सकारात्मक दृष्टिकोण को सफल बनाता है उन्होंने दुष्यंत कुमार की पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि *कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो* प्रचार ने विशेषकर शासकीय कर्मचारियों के लिए संदेश दिया कि जब कोरोना काल में सरकार हमें यदि वेतन देने में कोई कमी नहीं कर रही है तब हमें अपने प्रदेश देश के लिए सेवा देने में कोई कमी नहीं करना चाहिए उन्होंने आमंत्रित मुख्य मुख्य अतिथि श्री संघर्ष सोनी को आज की युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बताया और उन्हें प्रदेश एवं देश का गौरव बताया महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ मालती बनारसे ने शतरंज खेल का महत्व बहुत ही सरल शब्दों में बताकर इसे खेलने के लिए सभी को प्रेरित किया महाविद्यालय के इस कार्यक्रम में आमंत्रित क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार श्री नितिन दत्ता ने अपने उद्बोधन में शतरंज खेल को शह और मात का खेल बताया जो हमारे जीवन में निर्णय लेने में बहुत ही सहायक है महाविद्यालय में आओ सतरंज खेलें अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं शैक्षणिक स्टाफ के 8 सदस्यों ने भाग लिया प्रतिभागियों ने प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए बहुत प्रयास किए जिसमें प्रथम स्थान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ महेंद्र गिरी द्वितीय स्थान नवीन यादव एवं तृतीय स्थान श्री किशोर लोखंडे को प्राप्त हुआ अंत में सभी विजेताओं को पुरस्कार देकर खेल का समापन किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समस्त स्टाफ अग्रसर रहा ।

तामिया से आकाश मँडराह की रिपोर्ट🖋️