15°C New York
January 13, 2026
भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी: गुर्रेखुर्रेमऊ में महीनों से जारी है मनरेगा का ‘अदृश्य’ खेल
Chhindwara Latest News Madhaya Pradesh

भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी: गुर्रेखुर्रेमऊ में महीनों से जारी है मनरेगा का ‘अदृश्य’ खेल

Jan 9, 2026

​santosh aamre :जुन्नारदेव (छिंदवाड़ा)। जनपद पंचायत जुन्नारदेव की ग्राम पंचायत गुर्रेखुर्रेमऊ में मनरेगा (MNREGA) योजना भ्रष्टाचार के दलदल में धंसती जा रही है। ताज्जुब की बात यह नहीं है कि यहाँ फर्जीवाड़ा हो रहा है, बल्कि ताज्जुब इस बात का है कि यह खेल महीनों से अनवरत जारी है और प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।

​तस्वीरों की जुबानी, फर्जीवाड़े की कहानी

​ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर ली गई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से महिलाएं श्रमदान करती दिख रही हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड (मस्टर रोल) में उन्हीं तारीखों पर पुरुषों की उपस्थिति दर्ज कर दी गई है। यह विसंगति किसी मानवीय भूल का परिणाम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध प्रतीत होता है।

​लंबे समय से जारी है ‘अंधेरगर्दी’

​स्थानीय लोगों का कहना है सरपंच सचिव और रोजगार सहायक द्वारा किया जाने वाला यह कृत्य कोई एक दिन या एक मस्टर रोल की बात नहीं है। लंबे समय से पंचायत में यही ढर्रा चल रहा है:

​सेंधमारी का पुराना तरीका: कागजों पर उन लोगों की हाजिरी लगाई जा रही है जो या तो गांव में हैं ही नहीं या फिर अन्य कार्यों में व्यस्त हैं।
​निगरानी तंत्र फेल: हर दिन में होने वाली मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट के बावजूद यह फर्जीवाड़ा जारी रहना सिस्टम की मिलीभगत पर बड़े सवाल खड़े करता है।
​शिकायतों की अनदेखी: ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी मौखिक तौर पर इस ओर ध्यान दिलाया गया, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे नजरअंदाज कर भ्रष्टाचार को फलने-फूलने का मौका दिया।

​तकनीक को बनाया हथियार

​सरकार ने पारदर्शिता के लिए ‘NMMS’ ऐप के जरिए फोटो खींचकर उपस्थिति अनिवार्य की थी, लेकिन गुर्रेखुर्रेमऊ में इस तकनीक को ही फर्जीवाड़े का औजार बना लिया गया है। फोटो किसी और की और भुगतान किसी और के खाते में—यह प्रक्रिया महीनों से बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रही है।
​ग्रामीणों की मांग: “हम चाहते हैं कि पिछले छह महीनों के मस्टर रोल और पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों का मिलान (Cross-Verification) किया जाए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”

कार्यवाही के इंतजार में ग्रामीण

​यह मामला सिर्फ गलत हाजिरी का नहीं, बल्कि सरकारी खजाने को चूना लगाने और उन गरीबों के हक को मारने का है जो वास्तव में काम की तलाश में हैं। अब देखना यह है कि जनपद और जिला प्रशासन इस “लंबे समय से चल रहे सिंडिकेट” को तोड़ने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

लगभग सभी ग्राम पंचायतों में यही हाल

फ़ोटो तो महिलाओ की है लेकिन उपस्थिति पुरुषो की भी भरी गई ऐसा फर्जीवाड़ा लगभग सभी ग्राम पंचायतों द्वारा सभी MSR में किया गया है जिससे यही निष्कर्ष निकल कर आता है कि या तो मनरेगा में अब पुरूष भी साड़ी पहनकर मजदूरी कर रहे है या वे इच्छाधारी मजदूर है जिनकी फ़ोटो साड़ी पहने हुए आती है कमोबेश यह फर्जीवाड़ा पूरे जनपद में जोरो पर है

इनका कहना है।

“यह मामला गंभीर है। यदि मस्टर रोल में दर्ज नाम और अपलोड की गई फोटो में अंतर है, तो यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसकी जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अमित दुबे,सहायक यंत्री,जुन्नारदेव जनपद

मै इस विषय आपसे जानकारी मिली है मे देखकर ही बता पाऊँगा अभी दूसरे कार्यो में व्यस्त हूँ
जगदीश धुर्वे,ग्राम पंचायत सचिव