मिठाई ने ली एक और मासूम की जान
22 वर्षीया महिला खुशबू भी हारी जिंदगी की जंग
नागपुर के AIIMS अस्पताल में ली अंतिम सांस
Santosh aamre। corn city। Junnardev-नगर के बहुचर्चित मिठाई कांड में आज बुधवार की सुबह को एक और बली चढ़ती नजर आई। जब इस मामले की एक अन्य पीड़िता श्रीमती खुशबू (उम्र 22 वर्ष) नागपुर के AIIMS अस्पताल में दम तोड़ दिया है। बीते लगातार 6 दिनों से छिंदवाड़ा के जिला सहित निजी अस्पताल में उपचार कराने के बाद बीती रात को खुशबू की तबियत अचानक बिगड़ गई। उसका रक्तचाप अनियंत्रित होने तथा लीवर के डेमेज होने के कारण नागपुर ले जाया गया था, लेकिन वहां पर भी आखिरकार वह जिंदगी और मौत की यह लड़ाई हार गई है और इस तरह से इस मिठाई मामले में दसरू यदुवंशी (उम्र 53 वर्ष) एवं सुंदरलाल कथूरिया (उम्र 75 वर्ष) के बाद 22 वर्षीय खुशबू के रूप में यह तीसरी मौत दर्ज की गई है। मिठाई कांड में यह कथूरिया परिवार में मृत होने वाली खुशबू (नातिन) इस मामले में सुंदरलाल कथूरिया (दादा) के बाद मौत का शिकार होने वाली दूसरी सदस्य है। जबकि इसी परिवार की एक अन्य महिला सदस्य अभी भी जिला अस्पताल में उपचाररत है।
अब तक का घटनाक्रम

लावारिस थैली में मिले मिठाई के डब्बे मामले में सबसे पहले रविवार तड़के को PHE में कार्यरत दसरू यदुवंशी ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद मंगलवार को प्रातः इसी मामले में एक अन्य दूसरा पीड़ित सुंदरलाल कथूरिया भी जिंदगी की जंग हार गया था और वह छिंदवाड़ा जिला चिकित्सालय में मृत घोषित किया गए थे। आज बुधवार सुबह को इसी मामले में कथूरिया परिवार के एक अन्य दूसरे सदस्य और इस मामले में तीसरे सदस्य के रूप में 22 वर्षीय श्रीमती खुशबू ने भी अंतत: दम तोड़ दिया है। कथुरिया परिवार की यह दूसरी बेटी खुशबू का विवाह चांद क्षेत्र के थावड़ी ग्राम में हुआ था, जिससे उसे चार माह की दूधमुंही बच्ची भी है। इस मामले में अभी भी एक और महिला जिला चिकित्सालय में उपचाररत है।
खाद्य विभाग के अमले और पुलिस की लगातार दिखी सक्रियता
नगर के इस मिठाई डिब्बे के मामले में जिला प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय पुलिस एवं खाद्य विभाग की सक्रियता लगातार देखने को मिली। जहां एक ओर पुलिस के द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से मिठाई का डब्बा के साथ सब्जी व नमकीन को जप्त कर लिया गया था। इस मिठाई की जांच हेतु उसे जबलपुर स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। तो वहीं दूसरी ओर खाद्य विभाग के अमले के द्वारा शहर के समस्त मिष्टान्न प्रतिष्ठानों से सैंपल लेकर इस बात की संभावनाओं को टटोला गया है कि क्या मिठाई दूषित थी या फिर उसमें किसी तरह का जहरखुरानी की गई है। जिला खाद्य एवं औषधि विभाग के द्वारा उक्त सैंपल को अपनी प्रयोगशाला में भेजकर इसका परीक्षण सुनिश्चित किया गया है। अब देखना है कि प्रयोगशाला से जांच परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद कुछ हद तक इस मामले का खुलासा हो सकता है। इससे इस मामले की जांच को एक नई दिशा प्राप्त हो सकेगी।
