“मौत का स्वाद! PHE कर्मी ने तोड़ा दम 4 गंभीर ,
“मौत का स्वाद! (हादसा या साजिश)छिंदवाड़ा में इलाज के दौरान PHE कर्मी ने तोड़ा दम 4 गंभीर , अज्ञात व्यक्ति की तलाश तेज”
Santosh aamre।corn city जुन्नारदेव। मध्य प्रदेश के जुन्नारदेव क्षेत्र में संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा छोड़े गए मीठे पदार्थ (मिठाई) को खाने से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) में कार्यरत एक चौकीदार की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, अन्य एक ही परिवार के चार अन्य सदस्यों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जुन्नारदेव में पीएचई विभाग में कार्यरत चौकीदार और पीएचई विभाग के पास ही चाय की दुकान लगाने वाले के परिजनों ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रखे गए थैले में रखा मीठे का सेवन किया था। मिठाई खाने के देर शाम सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी और घबराहट की शिकायत होने पर उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
इलाज के दौरान चौकीदार ने तोड़ा दम
हालत गंभीर होने पर चौकीदार को बेहतर उपचार के लिए छिंदवाड़ा रेफर किया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस खबर से विभाग और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, प्रभावित परिवार के चार अन्य लोगों का उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से एक मरीज की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
साजिश या लापरवाही? अनसुलझे सवाल
इस घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि:
• वह मीठा पदार्थ आखिर किस दुकान से खरीदा गया था?
• वह अज्ञात व्यक्ति कौन था जिसने यह मिठाई वहां रखी ?
• क्या मिठाई में जानबूझकर कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया था या यह शुद्ध रूप से फूड प्वाइजनिंग का मामला है?
जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राकेश बघेल का कहना है कि, “मिठाई के सैंपल लैब भेजे जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं पुलिस अब उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश कर रही है और साथ ही मिठाई के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी इस मामले की सूचना दी गई है ताकि नमूने लेकर जांच की जा सके।
सावधान रहें: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाद्य सामग्री या लावारिस हालत में मिली खाने-पीने की चीजों का सेवन न करें।
• सावधान: अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई कोई भी खाने की वस्तु न लें।
• सतर्कता: यदि मिठाई का स्वाद असामान्य या कड़वा लगे, तो उसे तुरंत थूक दें।
• आपातकाल: ऐसी किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत पुलिस थाने को दें।
खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े होते गंभीर सवाल
• नियमित जांच का अभाव: स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की टीम केवल त्यौहारों के समय ही औपचारिकता पूरी करने के लिए सैंपल लेती है। साल भर दुकानों पर बिकने वाली मिलावटी और बासी मिठाइयों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
• लाइसेंस और मानको की अनदेखी: जुन्नारदेव और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसी दुकानें संचालित हो रही हैं जिनके पास न तो वैध लाइसेंस है और न ही वे स्वच्छता के मानकों का पालन करती हैं। विभाग की ढिलाई के कारण ही ऐसी दुकानों के हौसले बुलंद हैं।
• एक्सपायरी डेट गायब: नियमों के अनुसार मिठाई के काउंटरों पर ‘बेस्ट बिफोर डेट’ (उपयोग की अंतिम तिथि) लिखना अनिवार्य है, लेकिन क्षेत्र की अधिकांश दुकानों पर इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विभाग ने कभी इस पर सख्ती नहीं दिखाई।
• मिठाई के निर्माण स्थल की अनदेखी: मिठाई कहाँ और किन परिस्थितियों में बन रही है, इसकी जांच कभी नहीं की जाती। गंदे कारखानों में बनने वाली ये मिठाइयां सीधा लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही हैं।
• हादसे के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?: जनता का सवाल है कि क्या प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी या मौत का इंतजार रहता है? अगर समय रहते औचक निरीक्षण और कठोर कार्रवाई की जाती, तो शायद आज यह जान न जाती।
