APK फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ मोबाइल, जुन्नारदेव पुलिस ने तत्परता से बचाया बड़ा फ्रॉड
santosh aamre जुन्नारदेव (मध्य प्रदेश): आज दिनांक 19 मई 2026 को साइबर फ्रॉड का शिकार हुए नौलाखापा निवासी मनीष बानवंशी (उम्र 33 वर्ष) ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उनका मोबाइल हैक हो चुका है। पीड़ित ने बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनका व्हाट्सएप अपने नियंत्रण में लेकर उनके परिचितों को पैसे ऐंठने के उद्देश्य से स्कैनर (QR Code) भेज रहा है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
थाना प्रभारी निरीक्षक जे. मसराम के निर्देशन में उपनिरीक्षक मुकेश डोंगरे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस टीम ने सबसे पहले मोबाइल का इंटरनेट डेटा बंद किया और डिवाइस की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि मोबाइल में एक संदिग्ध .APK फाइल इंस्टॉल थी, जिसे पुलिस ने तुरंत अनइंस्टॉल किया। इसके बाद पीड़ित के नंबर पर सक्रिय की गई कॉल फॉरवर्डिंग को *413 डायल कर निष्क्रिय (Deactivate) किया गया। मोबाइल को पूरी तरह सुरक्षित करने के बाद उसमें पुनः व्हाट्सएप इंस्टॉल कर पीड़ित को सुपुर्द कर दिया गया।
जुन्नारदेव पुलिस की आम जनता से अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:
संदिग्ध APK फाइलों से बचें: व्हाट्सएप ग्रुप या पर्सनल मैसेज पर आने वाले अज्ञात .APK फाइलों को बिल्कुल भी डाउनलोड न करें।
झांसों में न आएं: आजकल ठग शादी का कार्ड, RTO चालान, पीएम किसान निधि योजना और राशन कार्ड जैसे लोकलुभावन नामों से APK फाइलें भेजते हैं। लोग बिना सोचे-समझे इन पर क्लिक कर देते हैं, जिससे पूरा मोबाइल हैक हो जाता है।
जागरूकता ही बचाव है: पुलिस द्वारा समय-समय पर स्कूलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दी जाने वाली साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारियों को ध्यान से सुनें और उनका पालन करें।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें! किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
