नशे में धुत शिक्षक पहुँचे स्कूल,हाँ, मैंने शराब पी रखी है”…
नशे में धुत शिक्षक पहुँचे स्कूल, खुलेआम कबूला – “हाँ, मैंने शराब पी रखी है”
छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड का मामला, अभिभावकों में भारी आक्रोश
चमन चंचलेश साहू।छिंदवाड़ा (तामिया)।
जहाँ एक ओर सरकार और शिक्षा विभाग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए नई-नई योजनाएँ चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक गंभीर और चिंताजनक मामला मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम बंजारी गुड़ी की प्राथमिक शाला से सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
यहाँ पदस्थ प्राथमिक शिक्षक कुंवरलाल भारती पर आरोप है कि वे लगातार शराब के नशे में स्कूल पहुँचते रहे और मासूम बच्चों को पढ़ाते रहे। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया।
सब्र टूटा तो स्कूल पहुँचे अभिभावक
मंगलवार को जब स्थिति असहनीय हो गई, तो बड़ी संख्या में आक्रोशित अभिभावक और ग्रामीण स्कूल पहुँचे। उनका कहना था कि शिक्षक की हरकतें अब बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ बन चुकी हैं। अभिभावकों ने शिक्षक से सीधा सवाल किया कि “एक शिक्षक होकर नशे की हालत में स्कूल आना क्या सही है?”
जवाब ने बढ़ाया विवाद
आरोप है कि इस दौरान शिक्षक कुंवरलाल भारती ने न सिर्फ अभिभावकों से अभद्र भाषा में बात की, बल्कि उन्हें धमकाया भी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शिक्षक ने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया –
👉 “हाँ, मैंने शराब पी रखी है।”
इतना ही नहीं, शिक्षक द्वारा यह कहे जाने की भी चर्चा है कि
“मैं बच्चों को गलत शब्द नहीं सिखाता, यहाँ कई आए और चले गए, मेरा कुछ नहीं हुआ।”
जब ग्रामीणों ने विरोध जताया, तो शिक्षक ने कथित तौर पर यह भी कह दिया –
“मैं तुम लोगों की तरह शराबी नहीं हूँ।”
इस बयान ने ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया। ग्रामीणों ने पलटकर सवाल किया –
❓ “अगर आप शराबी नहीं हैं, तो नशे की हालत में स्कूल क्यों आए?”
पंचनामा बनाकर शिक्षा विभाग को सौंपा
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षक का पंचनामा तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंप दिया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे शिक्षक बच्चों के लिए खतरा हैं और इनके रहते शिक्षा की गुणवत्ता की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल शिक्षक के व्यवहार और आरोपों की पुष्टि के लिए बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
सिर्फ एक शिक्षक का मामला नहीं
यह घटना केवल एक शिक्षक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।
⚠️ जब गुरु ही भटक जाए, तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
विद्यालय, जो बच्चों के संस्कार और भविष्य गढ़ने का स्थान है, यदि वहीं इस तरह की घटनाएँ होंगी तो समाज किस दिशा में जाएगा, यह सोचने का विषय है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि
दोषी शिक्षक पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए
बच्चों को ऐसे शिक्षक से तुरंत मुक्त किया जाए
स्कूलों में शिक्षकों की नियमित निगरानी हो
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
