MP में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा : एक सप्ताह में दोगुनी हो गई नए केस वाले जिलों की संख्या, छोटे इलाकों में सामने आ रहे संक्रमित

जानकारों का कहना है, संक्रमितों का आंकड़ा भले ही कम हो, लेकिन लोगों की लापरवाही से संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ सकती है।

भोपाल/ दूसरी लहर का संकट अभी थमा ही है कि, मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाने लगी है। प्रदेश में पिछले 8 दिनों के दौरान 24 से 31 जुलाई तक 96 नए मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमण की जद में आने वाले जिलों की संख्या भी इन्हीं 8 दिनों में 4 से बढ़कर 8 हो गई हैं। इस एक सप्ताह के नतीजों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

छोटे जिलों में भी सामने आ रहे मरीज

इस एक सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें, तो इस दौरान सागर पन्ना, छतरपुर, डिंडौरी, बालाघाट, खरगोन, सिवनी जैसे जिलों में भी अब नए संक्रमित मिलने लगे हैं। तो वहीं, दूसरी ओर इसी अवधि में प्रदेश के बड़े शहरों वाले जिलों में 8 दिनों के भीतर इंदौर में 25 और भोपाल में 20 संक्रमित सामने आ चुमिले हैं। 24 जुलाई को प्रदेश के 52 जिलों में चार प्रमुख शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में ही संक्रमित मिले थे।

इन दिनों में मिले यहां नए संक्रमित

25 जुलाई को सागर और बड़वानी जिले में नए केस मिले। 26 जुलाई को ग्वालियर जिले के डिडौंरी में 1 केस सामने आया। 27 जुलाई को रतलाम, सिवनी, खरगोन में 1-1 केस सामने आया। 28 जुलाई को 4 बड़े शहरों के अलावा रायसेन, सागर, बालाघाट में नए मरीज मिले। 29 जुलाई को उज्जैन, पन्ना, सागर, रायसेन में 1-1 संक्रमित मिले। 30 जुलाई को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर के साथ-साथ छतरपुर और उज्जैन में संक्रमित मिले। 31 जुलाई को छोटे जिले दमोह, सागर, टीकमगढ़, बड़वानी में भी केस सामने आए।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव बंसत कुर्रे के मुताबिक, कोरोना के नए मामले लगातार जारी टेस्टिंग की वजह से तुरंत सामने आने लगे हैं। प्रदेश में रोजाना70 से 75 हजार टेस्टिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि, कोरोना कभी हमारे बीच से गया ही नहीं। सरकार लगातार टेस्टिंग कर रही है, इसलिए नए एक-दो मामले सामने आ रहे हैं। इससे संक्रमितों को पहचान कर उनको आइसोलेट किया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि, ये तीसरी लहर की आशंका है। दूसरे देशों में भी केस बढ़ रहे हैं। संक्रमण से बचे रहने के लिये लोगों को प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। सरकार भी लोगों को सोशल डिस्टेसिंग, मास्क पहनने जैसी सावधानियों के बारे में समय समय पर आगाह करती रहती है।

फिर भारी पड़ सकती है लापरवाही

मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर का खतरा कम होते ही प्रदेश के बाजार, दुकान, स्कूल खोलने से लेकर सभी पाबंदियां खत्म हो गई हैं। खासतौर पर बाजार जैसे सार्वजनिक स्थलों पर अधिकतर लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य शहरों के बाजारों में अधिकतर खरीदार तो, बिना मास्क के घूम ही रहे हैं, लेकिन कई दुकानदार तक मास्क के नियम को महत्व नहीं दे रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सोशल डिस्टेसिंग का पालन न करना एक बार फिर लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकता है।