मिठाई कांड: मामा ही निकला हत्यारा;
जुन्नारदेव मिठाई कांड: मामा ही निकला हत्यारा; बदनामी का बदला लेने के लिए भांजी और उसके परिवार को दी ‘सोमल’
संतोष आमरे: कॉर्न सिटी:जुन्नारदेव पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए एक ऐसे पारिवारिक षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। इस मिठाई कांड का मुख्य आरोपी झाडू कसार मृतक खुशबू का ससुर होने के साथ-साथ रिश्ते में उसका सगा मामा भी निकला। पुलिस ने आरोपी ससुर (मामा), उसके बेटे और बेटी को गिरफ्तार कर लिया है।
रिश्तों का कत्ल: मामा के बेटे ने भगाकर की थी शादी
जांच में यह बात सामने आई कि संतोषी कथुरिया के भाई
झाडू कसार के बड़े बेटे अखिलेश ने अपनी ही बुआ की बेटी खुशबू को भगाकर शादी कर ली थी। इस रिश्ते से उनकी एक 4 माह की बेटी भी है। खुशबू को उसके ससुराल (मामा के घर) में प्रताड़ित किया जाता था, जिससे तंग आकर वह अपने मायके जुन्नारदेव आ गई थी और वापस नहीं जाना चाहती थी।
साजिश की मुख्य वजह
खुशबू ने अपने रिश्तेदारों और गांव वालों को बताया था कि उसका ससुर (मामा) इलाज के बहाने उसके साथ गलत हरकतें करता है और देवर-ननद उसके साथ मारपीट करते हैं। अपनी इस सामाजिक बदनामी से बौखलाकर ससुर झाडू कसार ने अपने बच्चों के साथ मिलकर खुशबू और उसके पूरे परिवार को खत्म करने का खौफनाक प्लान बनाया।
घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई
वारदात: 8 जनवरी 2026 की रात आरोपियों ने मिठाई में ‘सोमल’ (आर्सेनिक) मिलाकर उसे पीएचई कार्यालय के पास रख दिया था।

जहर का असर: मिठाई खाने से चौकीदार दशरू यदुवंशी, खुशबू और उसके दादा सुंदरलाल कथुरिया की मौत हो गई।
वैज्ञानिक प्रमाण: मिठाई के परीक्षण में आर्सेनिक की मात्रा 25,648\text{ mg/Kg} पाई गई, जो जान लेने के लिए पर्याप्त थी।

गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी झाडू कसार (57 वर्ष), शुभम कसार (24 वर्ष) और शिवानी कसार (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई हीरो एचएफ डीलक्स बाइक और मोबाइल जब्त किया गया है।
पुलिस टीम की सफलता
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जुन्नारदेव थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश बघेल, सायबर सेल और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम:- निरीक्षक राकेश बघेल थाना प्रभारी जुन्नारदेव, उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे, सउनि. सतीष दुबे, मप्रआर. 134 प्रेमलता धुर्वे, आर. 559 रामअवतार तिवारी, आर. 794 नीलेश पाल, आर. 1103 संतोष धुर्वे, आर. 961 राजपाल बघेल, आर. 522 भगवानसिंह, आर. 868 हितेन्द्र रघुवंशी, आर. 842 अनिल उइके, आर. 646 संदीप झरबड़े, थाना जुन्नारदेव , सायबर सेल से आर.542 आदित्य रघुवंशी, प्रआर. 811 नितिन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही
