नगर पालिका के ‘अनोखे’ कारनामे: जनता को परेशान करने में कोई कसर नहीं, विकास के नाम पर विनाश का खेल
जुन्नारदेव नगर पालिका की उपलब्धियां
*जुन्नारदेव नगर पालिका के ‘अनोखे’ कारनामे: जनता को परेशान करने में कोई कसर नहीं, विकास के नाम पर विनाश का खेल
संतोष आमरे। कॉर्न सिटी । जुन्नारदेव।*
नगर पालिका जुन्नारदेव इन दिनों अपने अजीबोगरीब और जनविरोधी फैसलों को लेकर सुर्खियों में है। अमूमन नगर पालिकाओं का काम जनता को सुविधाएं देना होता है, लेकिन जुन्नारदेव नगर पालिका के कारनामों को देखकर ऐसा लगता है मानो इनका एकमात्र लक्ष्य यह है कि “जनता को कैसे और कितना परेशान किया जा सके!” शहर के विकास के नाम पर ऐसे उलटे-सीधे फैसले लिए जा रहे हैं, जो आम नागरिकों के लिए जी का जंजाल बन चुके हैं।
क्रोनोलॉजी समझिए: जब जिसकी जरूरत, तब उसे ही तोड़ा!
नगर पालिका की अदूरदर्शिता और ‘पहले तोड़ो, फिर सोचो’ वाली नीति के कुछ जीते-जागते और हैरान करने वाले उदाहरण इन दिनों शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं:
भीषण गर्मी में पानी की टंकी तुड़वाई: जब कड़कती धूप और गर्मी में जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही थी, लोग 8-8 दिनों तक पानी आने का इंतजार कर रहे थे, ठीक उसी वक्त नगर पालिका ने पानी की टंकी तुड़वा दी। जलसंकट से जूझती जनता को राहत देने के बजाय उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया गया।
आफत की बारिश में मूत्रालय पर चलाया बुलडोजर: गर्मी बीती तो बारिश का मौसम आया। इस झमाझम बारिश के बीच नगर पालिका को अचानक सार्वजनिक मूत्रालय तोड़ने की सूझी। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के चालू मूत्रालय को ढहा दिया गया।
करोड़ों की नई सड़क बनाई, फिर पाइपलाइन के लिए खोदी: पालिका की कार्यप्रणाली का सबसे मजेदार (और दुखद) नमूना सड़कों पर देखने को मिलता है। लाखों-करोड़ों की लागत से पहले चमचमाती नई सड़क का निर्माण कराया जाता है, और जैसे ही सड़क बनकर तैयार होती है, वैसे ही पालिका को याद आता है कि इसके नीचे तो पाइपलाइन डालनी थी! फिर से सड़क को खोदकर मलबे में तब्दील कर दिया जाता है। यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी नहीं तो और क्या है?
‘सिंगल यूरिनल’ का नया खेल: अब नंबर लगाकर खड़े हो रहे लोग
बारिश के मौसम में पुराना मूत्रालय तोड़ने के बाद नगर पालिका ने अपनी ‘महान सोच’ का परिचय देते हुए वहां एक सिंगल यूरिनल (एक सीट वाला प्रसाधन) लगा दिया है। अब आलम यह है कि व्यस्त बाजार और सार्वजनिक स्थल पर लोगों को टॉयलेट जाने के लिए भी लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है।
“बाजार आए लोग अब अपनी खरीदारी छोड़कर यूरिनल के बाहर नंबर लगाकर खड़े रहने को मजबूर हैं। खासकर बुजुर्गों और राहगीरों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।”
जनता में भारी आक्रोश, जवाबदेही से बच रहे अफसर
नगर पालिका के इन ‘उल्टे-सीधे’ कारनामों से जुन्नारदेव की जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पालिका के पास न तो कोई प्लानिंग है और न ही जनता के प्रति कोई संवेदनशीलता। विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
अब देखना यह होगा कि इस अव्यवस्था पर जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं, या फिर जुन्नारदेव की जनता इसी तरह पालिका के ‘तुगलकी’ फैसलों का शिकार होती रहेगी।
इनका कहना है
धृष्टराज रूपी परिषद जो कि विनाश को ही विकास मानती है बिना किसी दूर दृष्ठिता के निर्णय लेकर नगर की भोली भाली जनता को परेशान किया जाना भाजपा की नियत में है आने वाले समय में जनता का सब्र टूटेगा भाजपा को घर बैठाने का काम अवश्य करेंगी और जहां मोटी कमाई एवं कमिशन होता है वही भाजपा परिषद काम करती है
अरुणेश जायसवाल
पार्षद नगर पालिका परिषद जुन्नारदेव
बार बार कॉल करने पर भी हमेशा की तरह कॉल रिसीव नहीं किया गया
अनुराग सरइया
सब इंजीनियर नगर पालिका परिषद जुन्नारदेव
तात्कालिक व्यवस्था कर दी गई है और जो सुधार करवाना है करा देंगे
राजेंद्र सूर्यवंशी
पार्षद वार्ड न .12 नगर पालिका परिषद जुन्नारदेव
जनप्रतिनिधि को दिख रहा फिर भी नहीं दिख रहा उसके लिए जनता को जागरूक होना जरूरी है
रमेश
आम नागरिक जुन्नारदेव
