ऊपर वाले ने किया निराश , अब किसकी करें आस ,,

 

CCN/डिंडोरी, गाड़ासरई

डिंडोरी/गाड़ासरई , ऊपर वाला भी न जाने कैसे कैसे दिन दिखाता है। भगवान एक तरफ लोगो को गरीबी देता है तो वही दूसरी तरफ उनको गंभीर बीमारियां भी दे देता है, गरीब तबके के लोग जैसे तैसे अपना जीवन यापन करने हर मुमकिन प्रयास करते हैं, ताकि वो अपने परिवार के लोगो को दो वक्त की रोटी जुटा सके, उसमें भी अगर घर के किसी सदस्य को कोई बड़ी बीमारी हो जाए तो उनका जीना दुश्वार सा हो जाता है। ऊपर वाले ने इस गरीब को परिवार संतान तो दी, पर उसके साथ एक बड़ा सा रोग भी साथ में दे दिया, जिसके इलाज के लिए यहाँ वहां भटकते देखे जा रहे हैं , कि किसी प्रकार से अपनी संतान को रोग मुक्त कर सके और उनकी सन्तान ओरो की संतान जैसे हस्ते खेलते रहे, पर ऊपर वाले को यह शायद मंजूर नहीं था इसलिए बच्चे के जन्म के साथ एक भयानक बीमारी भी साथ में मिली। एक तरफ बच्चे के जन्म की खुशी तो दूसरी तरफ इस भयानक रूप का डर इनको सता रहा है की बचपन से ही चल ऐसा रोग ऊपर वाले ने दिया है तो क्या पता इस रोग का इलाज करना हमारे बस में है कि नहीं डिंडोरी जिले के अमरपुर अंतर्गत ग्राम पिंडरुखी में एक गरीब परिवार में जन्मे इस बालक की कहानी बहुत ही दुख भरी है, जो भी इस बालक को एक बार देखता है, उसकी इस हालत पर उनको भी रोना आ जाता है और ना चाहते हुए भी उनके मुंह से एक ही बात निकलती है कि ऊपर वाला किसी को संतान दे तो अच्छी दे वरना ऐसे रोगों से भला कि संतान ही ना हो । आज शनिवार को गाड़ासरई के बस स्टैंड में यह बालक फटे हाल हाथ में कटोरा थामे दो पैसों के लिए लोगों से भीख मांगते देखा गया, बस स्टैंड में उपस्थित लोगों ने जब उसकी हालत देखी तो उनसे भी रहा नही गया, और उस गरीब लड़के से बात कर सारी जानकारी ली, और उपस्थित लोगो ने कुछ पैसों के साथ कुछ कपड़े भी खरीदकर दिए , जिसे पाकर श्याम चरण बहुत खुश हुआ, इस गरीब श्याम चरण ने बताया की वो बहुत ही गरीब परिवार से है , और यह बीमारी उसको उसके जन्म के साथ मिली है, जिसे वह बचपन से ही साथ में लेकर घूम रहा है , उसकी मां गंगोत्री बाई पारधी हर शनिवार को शनि दान मांगने का काम करती है। और वही उसके पिता लालजू पारधी झाड़ू बनाने का काम करते हैं , जो अभी फिलहाल इस समय डिंडोरी जिले के ग्राम कूड़ा में डेरा डालकर झाड़ू बना रहे हैं। और अपने परिवार की खराब हालत को देखते हुए इस भयानक ठण्ड में वो बेचारा इस छोटी सी उम्र में भीख मांगने मजबूर हैं , और श्याम चरण को अपने घर से निकले दो महीने से ज्यादा हो गए , फिर भी वो अपने परिवार के लिए ज्यादा कुछ नही जुटा पाया, और उसने यह भी बताया कि उसको उसके पिता इलाज कराने बिलासपुर के पास गनियारी लेकर गए थे तो वहां के डॉक्टरों ने बताया की श्याम चरण की उम्र अभी बहुत कम है जिससे इसके ऑपरेशन में दिक्कत हो सकती है इसलिए जैसे ही इसकी उम्र ऑपरेशन करने लायक हो जाएगी इसका भयानक बीमारी का इलाज हो जाएगा, जिसे नस कैंसर कहते हैं , बस स्टैंड में उपस्थित लोगों ने इस बच्चे के ठीक होने की दुआ की हैं…ब्यूरो रिपोर्ट डिंडोरी