दुर्गाष्टमी व नवमी मे माता के दरबार मे हवन पूजन कर हुआ महाप्रसाद का वितरण

CCN/डिंडोरी ब्योरो रिपोर्ट

डिंडोरी/शरदेय नवरात्र का पर्व समापन की ओर है,नवरात्रि मे माँ दुर्गा के नोस्वरुपों की पुजा की जाती है नवरात्रि का आठवां व दिन जिसे महाष्टमी या दुर्गा अष्टमी भी कहा जाता है। नवरात्र की अष्टमी पर माँ महागौरी का पूजन किया गया ।मान्यता है की माँ महागौरी भक्तों पर अपनी क्रपा बरसाती है ओर उनके बिगडे कामों को पूरा करती है। परम्परानुसार माँ को अष्टमी का भोग लगाया जाता हैऔर उनसे मनोकामना पूर्ति ओर नवरात्र मे पूजन या व्रत के दौरान हुई गल्तियों की क्षमा माँगी जाती है। वैसे तो सभी देवी मन्दिरो मे पंडालो मे माँ को अष्टमी का भोग लगाया गया लेकिन नगर के सबसे प्राचीन सातो बहनिया मन्दिर मे सुबह से ही वृतधारी महिलाये माँ को अष्टमी का भोग चड़ाने दिन भर ताता लगा रहा पूजा अर्चना कर मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगा सभी पंडालो मे मन्दिरो व घरो मे हवन किया गया है। जहा विधिविधान से पंडितो द्वारा मन्त्र उच्चारण के साथ हवन कराया गया ।जिसमे भक्तो ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया आहुतिया डाली तत पश्चात देवी स्वरुप कन्याओ को कन्या भोज कराया गया ओर भंडारा स्वरुप प्रसादी वितरण किया गया ।
आज शारदेय नवरात्र का समापन हो जायेगा ओर सर्बजनिक दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा विराजित की गई प्रतिमाओ के विसर्जन का सिलसिला भी प्रारंभ हो जायेगा। नवरात्र का समापन हो जायेगा।