परिवहन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे डीलर

सड़क सुरक्षा की दृष्टि से परिवहन विभाग ने करीब तीन साल पहले एक आदेश जारी किया था, जिसमें इस बात का साफ तौर से उल्लेख किया था

छिंदवाड़ा. सड़क सुरक्षा की दृष्टि से परिवहन विभाग ने करीब तीन साल पहले एक आदेश जारी किया था, जिसमें इस बात का साफ तौर से उल्लेख किया था कि दोपहिया बेचने वाले डीलरों को हेलमेट भी देना होगा। कुछ समय तक इस नियम का पालन कराने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस भी जुटी रही, लेकिन अभी इस नियम की किस तरह धज्जियां उड़ी है यह जग जाहिर है।

सड़क सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट दिए जाने के परिवहन विभाग के आदेश की हवा निकली हुई है। विभाग बार-बार आदेश निकालकर वाहन विक्रेताओं को निशुल्क हेलमेट देने के निर्देश दे रहा है, लेकिन वाहन डीलर्स अनसुनी कर रहे हैं। केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 के नियम 138 के उपनियम 4 के तहत सभी दोपहिया वाहन विक्रेताओं को आइएसआइ मार्क के हेलमेट उपलब्ध करवाएं। परिवहन विभाग ने निर्देशित किया था कि दोपहिया खरीदने वाले लोगों को वाहन के साथ हेलमेट भी दें। कुछ समय तक शहर के डीलरों ने इस नियम का पालन भी किया, लेकिन वर्तमान में इस तरफ परिवहन विभाग का ध्यान नहीं है। सारे नियमों को ताक पर रखकर डीलर दोपहिया की बिक्री कर रहे हैं। आम लोग इस मामले में कम जागरूक होते हैं, क्योंकि वे थोड़े से पैसों की खातिर हेलमेट नहीं खरीदना चाहते, लेकिन जब बाइक के साथ हेलमेट लेना अनिवार्य कर दिया जाता है तो वह मजबूरी में हेलमेट लेते हैं।

हेलमेट देना अनिवार्य है
ट्रैफिक डीएसपी सुदेश कुमार सिंह का कहना है कि परिवहन विभाग की ओर से एक आदेश सभी दोपहिया विक्रेताओं को जारी हुआ था। इसमें उल्लेख किया गया था कि बाइक बेचते समय खरीदार को हेलमेट भी देना होगा। शहर में डीलर अगर ऐसा नहीं कर रहे हैं तो यह बड़ी लापरवाही है। वाहन चालकों को हेलमेट देना बहुत आवश्यक है। नियमों का पालन किया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो परिवहन विभाग के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।