जब्त भंडारण रेत का भौतिक सत्यापन, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जब्त भंडारण रेत का भौतिक सत्यापन, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

 

डिंडोरी/- जिले में प्रतिबंधित के बावजूद रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है| वह भी बगैर रियल्टी के जिम्मेदार जानकारी होने के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं ,कार्यवाही के अभाव में रेत कारोबारी है, उनके हौसले बुलंद है और वह नियम निर्देशों को धता बता ईटीपी बंद होने के बाद भी भंडारण स्थलों से रेत का उठाव कर रहे हैं ,जिसे लेकर बसपा के जिलाध्यक्ष असगर सिद्धकी, कलेक्टर के नाम एसडीएम ,महेश मंडलोई के हाथों में एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें उन्होंने कलेक्टर डिंडोरी से सारी प्रक्रियाओं पर रोक लगाते हुए सबसे पहले जब तक रेत का भौतिक सत्यापन किए जाने का आग्रह किया है यह लेख भी किया है कि यदि उक्त मामले में कार्यवाही नहीं की जाती तो बसपा आंदोलन को बाध्य होगी उन्होंने कहा कि दिवारी 2 में जप्त रेत के अलावा देवारी भंडारण व शाहपुरा की मुडकी भंडारण का,भी भौतिक सत्यापन कराया जाए तो अनेकों चौकाने वाले तथ्य उजागर हो सकते हैं विभाग द्वारा जिस तरह हजारों घन मीटर रेत में से महज 945 घन मीटर रेत जब्त की गई है ऐसे में स्वीकृत भंडारण स्थलों की स्थिति भी दशाई जा सकती हैअनुबंध अनुसार यदि रेत कारोबारी नियत तिथि में किस्तों को जमा करने में असफल होता है तो ईटीपी बंद कर खदान संचालन पर रोक लगा दी जाती है कारोबारी को इस आशय का कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है की किस्त की राशि जमा करने में असफल रहने पर क्यों न ठेका निरस्त कर दिया जाए इसके अलावा किस्त जमा करने की निर्धारित तिथि 30 दिवस के भीतर कारोबारी द्वारा उक्त कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए विलंब अवधि पर 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सहित किस्तों का भुगतान करने पर कलेक्टर या निगम खदान संचालन की अनुमति दे सकेगा| लेकिन यहां धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है विभाग ने भी चुप्पी साध रखी है तो कहीं ना कहीं अधिकारी कर्मचारियों द्वारा या विभाग द्वारा चुप्पी साध कर रखे हुए हैं | डिंडोरी जिले में दिवारी रेत खदान एवं कमको मोहनिया रेत खदान जहां से प्रतिबंधित के बावजूद भी धड़ल्ले से रेत परिवहन किया जा रहा है अवैध रेत भंडारण कर दादागिरी के साथ बिना रियल्टी के परिवहन किया जा रहा है

इनका कहना है यदि कार्रवाई नहीं की जाती तो हम आंदोलन करेंगे बसपा जिलाध्यक्ष असगर सिद्धकी

डिंडोरी :- चंद्रिका यादव , रिपोर्ट