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June 1, 2026
आर ई एस के ‘अमृत सरोवर’ निर्माण में नियमों को दरकिनार, मशीनों का हो रहा धड़ल्ले से इस्तेमाल
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आर ई एस के ‘अमृत सरोवर’ निर्माण में नियमों को दरकिनार, मशीनों का हो रहा धड़ल्ले से इस्तेमाल

Jun 1, 2026

Corn city जुनारदेव/छिंदवाड़ा: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘महात्मा गांधी नरेगा’ (मनरेगा) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विकासखंड में इस योजना की मूल भावना का मखौल उड़ाया जा रहा है।

कार्य का विवरण और स्थान:

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, यह मामला ग्राम कोल्हिया (विकासखंड – जुन्नारदेव, जिला – छिंदवाड़ा) का है। यहाँ ‘अमृत सरोवर निर्माण कार्य’ (1736/WC/22012035286645)

वार्ड नं 12, सेमरभाटा के नीचे नाले पर किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत 32.32 लाख रुपये स्वीकृत की गई है, जिसमें 6033 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मशीनों के आगे दम तोड़ रही सरकारी नीति

मनरेगा के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि कार्यों में मशीनों का उपयोग वर्जित है, ताकि स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिले। लेकिन मौके की तस्वीरें चीख-चीख कर बयां कर रही हैं कि यहाँ ‘मानव श्रम’ की जगह ‘जेसीबी’ का साम्राज्य है। 32.32 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस कार्य में 6033 मानव दिवस सृजित करने का दिखावा किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि मजदूरों को काम से वंचित कर मशीनों से कार्य कराकर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।

अधिकारियों की चुप्पी संदेह के घेरे में

यह कार्य ‘कार्यापालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्र. 2, छिंदवाड़ा’ के अधीन संचालित है। कार्यस्थल पर विभागीय अमले की निगरानी का दावा किया जाता है, लेकिन मशीनों का खुलेआम उपयोग यह साबित करता है कि या तो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से आंखें मूंदे हुए हैं, या फिर इस लूट में उनकी मौन सहमति शामिल है। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि कागजों में मजदूरों के नाम पर हाजिरी भरकर मशीनों के जरिए काम कराकर मोटी रकम का बंदरबांट किया जा रहा है।

प्रशासन को चेतावनी

क्या ‘अमृत सरोवर’ के निर्माण में गरीब मजदूरों का पेट काटना ही प्रशासन का लक्ष्य है? यह केवल नियम उल्लंघन का मामला नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार की योजना के साथ धोखा और भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है।

क्षेत्र के आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से इस कार्य की जांच की जाए, मशीनों को जब्त किया जाए और संबंधित विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

इनका कहना है 

बार-बार कॉल करने पर भी कॉल रिसीव नहीं किया गया

सतीश परमार

आर,ई एस, विभाग जुन्नारदेव /छिंदवाड़ा