15°C New York
November 6, 2026
छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते ट्राइबल विभाग का कर्मचारी गिरफ्तार, कूलर के नीचे छिपाया रिश्वत का लिफाफा
Chhindwara Latest News Madhaya Pradesh

छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते ट्राइबल विभाग का कर्मचारी गिरफ्तार, कूलर के नीचे छिपाया रिश्वत का लिफाफा

Nov 4, 2026

28 हजार रुपये की EMD राशि वापस करने के एवज में मांगी थी 4 हजार रुपये की रिश्वत, जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई

कॉर्न सिटी छिंदवाड़ा। भ्रष्टाचार के खिलाफ जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग (ट्राइबल विभाग) के कार्यालय में बड़ी ट्रैप कार्रवाई की। लोकायुक्त की टीम ने विभाग में पदस्थ कर्मचारी ललित अहिरवार को 4,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने रिश्वत की रकम से भरा लिफाफा कूलर के नीचे छिपाने का प्रयास किया, लेकिन लोकायुक्त टीम ने लिफाफा बरामद कर लिया।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सौरभ मिश्रा की फर्म द्वारा करीब छह महीने पहले जुन्नारदेव विकासखंड की ग्राम पंचायत नवेगांव में छात्रावास की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जनजातीय कार्य विभाग में टेंडर भरा गया था। इस निविदा प्रक्रिया के तहत उन्होंने लगभग 28,000 रुपये की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) राशि ऑनलाइन जमा की थी।

बाद में विभाग द्वारा उक्त टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी जमा की गई 28 हजार रुपये की EMD राशि वापस पाने के लिए विभाग में संपर्क किया।

EMD वापस करने के बदले मांगे 4 हजार रुपये

आरोप है कि विभाग में पदस्थ कर्मचारी ललित अहिरवार, जो कार्यालय में भृत्य के पद पर रहते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बाबू का कार्य भी संभाल रहा था, ने EMD राशि वापस करने की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।

बताया गया कि शिकायतकर्ता पिछले करीब डेढ़ महीने से अपनी जमा राशि वापस पाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। परेशान होकर उसने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

लोकायुक्त की टीम ने बिछाया जाल, कूलर के नीचे मिला लिफाफा

शिकायत का सत्यापन किए जाने के बाद जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से 3 नवंबर को ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही टीम ने ट्राइबल विभाग के कार्यालय में दबिश दी, आरोपी कर्मचारी ने पकड़े जाने के डर से रिश्वत की रकम वाला लिफाफा कूलर के नीचे छिपा दिया।

हालांकि, लोकायुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए लिफाफा बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी के हाथों का फिनॉल्फ्थेलीन केमिकल टेस्ट किया गया, जिसमें हाथों पर रंग आने की जानकारी सामने आई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

इस मामले में आरोपी ललित अहिरवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त की कार्रवाई से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया।

सवाल यह है कि सरकारी विभाग में अपनी ही जमा की गई राशि वापस पाने के लिए किसी ठेकेदार को रिश्वत देने की नौबत क्यों आई? लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और आम लोगों की परेशानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।