पेयजल संकट पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, नगर पालिका कार्यालय में फोड़े मटके
कॉर्न सिटी।जुन्नारदेव (छिंदवाड़ा): मध्य प्रदेश के जुन्नारदेव में भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट और नगर पालिका की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला कांग्रेस की नेत्रियों ने नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सलोड़े को चूड़ियां भेंट कीं और परिसर में मटके फोड़कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
“8 दिन में एक बार पानी, फिर भी पूरी वसूली”
कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि शहरवासियों को महीने में महज 8 दिन नल से पानी मिल रहा है, जबकि नगर पालिका द्वारा पूरे महीने का शुल्क वसूला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भीषण गर्मी में जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, वहीं दूषित जलापूर्ति ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी है।
10 सूत्रीय ज्ञापन: भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें नगर पालिका परिषद में पेयजल व्यवस्था, निर्माण कार्यों और सामग्री खरीदी में व्याप्त अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु:
घटिया पाइपलाइन कार्य: जल जीवन मिशन के तहत सड़कों की खुदाई कर उन्हें अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
ईंधन और टैंकर सप्लाई में भ्रष्टाचार: वाहनों में फर्जी डीजल खपत दिखाकर लाखों के गबन का आरोप लगाया गया। साथ ही, टैंकरों से जलापूर्ति के नाम पर भारी खर्च के बावजूद जनता तक पानी नहीं पहुँचने पर सवाल उठाए गए।
लंबित परियोजनाएं: वर्षों से लंबित ‘मंधान डेम पेयजल योजना’ और व्हेलफेयर क्षेत्र में स्वीकृत पेयजल टंकी का निर्माण कार्य शुरू न होने पर नाराजगी जताई गई।
सफाई और रोशनी की बदहाली: नालियों की सफाई न होने से मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। साथ ही, सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी और शहर में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स पर भी सवाल उठाए गए।
चेतावनी: समाधान नहीं तो बड़ा जन-आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पालिका प्रशासन ने अविलंब इन समस्याओं का समाधान नहीं किया और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से धरना, रैली और उग्र जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे, जिन्होंने नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी कर व्यवस्था सुधारने की मांग दोहराई।
