थाना तामिया एवं कपड़ा बैंक के संयुक्त तत्वाधान में ग्रामीण जरूरतमन्दो

*वर्दी बनी हमदर्दी, थाना तामिया एवं कपड़ा बैंक के संयुक्त तत्वाधान में ग्रामीण जरूरतमन्दो को कपड़ा वितरण*

तामिया (छिन्दवाड़ा) – जब देश के रक्षक एवं कानून व्यवस्था को सहज करने वाले सिपाही वास्तविक जन सेवा देश भक्ति की ललक के कोई कार्य करते दिखते है तो मन इज्ज़त एवं सम्मान से स्वतः प्रणाम करने को करता है l थाना तामिया एवं छिन्दवाड़ा जिला में समाज सेवा में कार्यरत संस्था कपड़ा बैंक सेवा सहयोग संगठन के संयुक्त तत्वाधान में दूर-दराज ग्रामीण अंचल से आये अपार जन समूहो जरूरतमन्द महिलाओं एवं छोटी-बड़ी लड़कियों को साड़ी, सलबार-सूट ,टाउजर और पुरूषो को पेन्ट-शर्ट, जीन्स टी-शर्ट, कुर्ता-पैजामा, धोती-कुर्ता, लोबर, हाफ पेन्ट, छोटे बच्चों के कपड़े, पानी की बॉटल इत्यादि सामग्री तामिया पुलिस और कपड़ा बैंक के माध्यम से वितरित किये गए । थाना तामिया एवं कपड़ा बैंक के इस सेवा भाव से पुलिस की सेवा एवं कपड़ा बैंक के इस आयोजन से दूर दराज से आये जरुरतमंद लोगो की मदद मिल सकी इस कार्य के लिए उपस्थित हितग्राहियों में काफी उत्साह था ।
कपड़ा बैंक की मुख्य थीम सेवा बने स्वाभाव के अन्तर्गत लगातार गरीब और जरूरतमंद लोगो की मदद की जा रही है l इस कार्य में जन समुदाय एवं लोगो का भरपूर सहयोग सेवं समर्थन मिल रहा है l बहुत से लोग सेवा के लिए कपड़ा बैंक के साथ जुड़कर लोगो की मदद करने के लिए आगे आये है एवं कपड़ा बैंक के साथ जरूरतमंदों की मदद करते है l निःशुल्क निःस्वार्थ भाव से कपड़े वितरण आयोजन को सफल बनाने में सक्रीय रूप से संस्था अध्यक्ष हेमलता महेश भावरकर, ब्राउन मेडम, ललितामनी सरवैया अहम भमिका रही। महेश अहिरवार, सन्तोष सिंग राजपूत, महेश सोनी, घनश्याम उईके, शेर सिंह भारती, संजय मिश्रा, अरविंद पवार, नरेश उईके, दिलीप साहू, अजय सरवैया, दीपू सौरभ शर्मा, गोलू मंसूरी, सूरत सिंह राजपूत, मोनू साहू, मदन डेहरिया, कपड़ा कलेक्शन प्रभारी ओम बैरसिया, सोनू पाटिल एवं महेश सोनी जी के विशेष सहयोग से कार्यक्रम सफ़ल रहा। कपड़ा वितरण कार्यक्रम में करीबन 1000 जोड़ी कपड़े वितरण किये गये। जिला मीडिया प्रभारी श्याम कोलारे के अनुसार जरूरतमन्दो ने कपड़ा बैंक के इस कार्यक्रम की खूब सराहना की, लोगो ने ऐसे कार्यक्रमों को तामिया में करने की अपील भी की गई। अध्यक्ष हेमलता महेश भावरकर के जरूमन्दों की अपील को सहर्ष स्वीकार कर पुनः शीघ्र ही कपडे वितरण करने का अवशासन दिया।…. मनोज डोंगरे की रिपोर्ट