मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में धांधली: अपात्रों को लाभ, वीआईपी को छप्पन भोग
खापास्वामी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में धांधली: अपात्रों को लाभ, वीआईपी को छप्पन भोग और जनता को मिला ‘अखाद्य’ भोजन
कॉर्न सिटी। संतोष आमरे।जुन्नारदेव।जुन्नारदेव के खापास्वामी (कन्हान वैली स्टेडियम) में 14 मई 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता की भेंट चढ़ गया। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं, बल्कि भीषण गर्मी में आए गरीब परिवारों के आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचाई गई।
पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है और अब सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
1. नियमों की उड़ी धज्जियां: पूर्व से विवाहित जोड़ों ने फिर रचाया ब्याह
सामूहिक विवाह कार्यक्रम का सबसे शर्मनाक पहलू तब सामने आया जब योजना का लाभ उठाने के लिए कई ऐसे जोड़े मंडप में बैठ गए जो पहले से ही विवाहित थे। 100 जोड़ों के इस आयोजन में भारी फर्जीवाड़ा देखने को मिला। नियमानुसार यह योजना केवल जरूरतमंद और अविवाहित योग्य युवक-युवतियों के लिए है, लेकिन यहाँ अपात्रों को खुलेआम रेवड़ियों की तरह लाभ बांटा गया।
2. सवालों के घेरे में अधिकारी: क्या कमीशन के खेल में दबा दी जाएगी जांच?
इस महा-फर्जीवाड़े के बाद जनपद पंचायत के अधिकारियों और दस्तावेज परीक्षण (Document Verification) करने वाली टीम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। महज 100 जोड़ों के दस्तावेजों की सही ढंग से जांच न हो पाना, अधिकारियों की अक्षमता या फिर मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
बड़ा सवाल: क्या इस धांधली के लिए जिम्मेदार सरपंच, सचिव और जनपद के आला अधिकारियों पर कोई ठोस कानूनी कार्यवाही होगी? या फिर हमेशा की तरह इस पूरे मामले को ‘कमीशन’ के भारी-भरकम बोझ के नीचे दबाकर फाइलों में बंद कर दिया जाएगा? जनता अब जवाब मांग रही है।
अब देखना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद जिले के सवेदनशील कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंह क्या कार्यवाही करते है
3. भोजन व्यवस्था में ‘क्लास वॉर’: रसूखदारों को छप्पन भोग, गरीबों को ‘अखाद्य’ खाना
आयोजन स्थल पर प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली, जब इंसानी भूख को भी अमीरी और गरीबी के तराजू में तौल दिया गया। भोजन व्यवस्था में साफ तौर पर भेदभाव (Class War) दिखाई दिया:
• रसूखदारों और अधिकारियों के लिए: वीआईपी मेहमानों के लिए वातानुकूलित (AC) डोम में विशेष व्यंजनों और छप्पन भोग का वीआईपी प्रबंध किया गया था।
• आम जनता और बारातियों के लिए: दूर-दराज के गांवों से आए वधु-पक्ष और बारातियों को जो खाना परोसा गया, वह बेहद घटिया और ‘अखाद्य’ (खाने अयोग्य) था। कार्यक्रम में आए लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि प्रशासन ने उनकी गरीबी का सरेआम मजाक उड़ाया है।
4. 40 डिग्री का पारा, बूंद-बूंद पानी को तरसे मासूम और बुजुर्ग
मई की इस तपती और जानलेवा गर्मी में, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार था, प्रशासन कन्हान वैली स्टेडियम जैसे विशाल मैदान में पानी तक की पर्याप्त व्यवस्था करने में नाकाम रहा।
टेंट के नीचे उमस और भीषण गर्मी के बीच पेयजल (drinking water) के पर्याप्त काउंटर तक नहीं लगाए गए थे। अपनी बेटियों का विवाह कराने आए गरीब माता-पिता और मेहमान बूंद-बूंद पानी के लिए भटकते नजर आए। चिलचिलाती धूप और पानी के अभाव के कारण कार्यक्रम में शामिल हुए कई बुजुर्गों और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की भी खबर है।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के मंच पर “संगठन शक्ति प्रदर्शन” की चर्चा, जनपद में पक्षपात के आरोप तेज
जनपद पंचायत जनपद पंचायत जुन्नारदेव द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का कार्यक्रम प्रशासनिक अमला भले सफल मान रहा हो, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अब इसकी चर्चा व्यवस्थाओं से ज्यादा “संगठन विशेष की सक्रियता” और कथित पक्षपात को लेकर हो रही है। कार्यक्रम में बार-बार पंचायत सचिव संगठन का नाम गूंजता रहा, जबकि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का मूल उद्देश्य और शासन की योजना कहीं पीछे छूटती नजर आई। कई कर्मचारियों ने तंज कसते हुए कहा कि “अगर कोई बाहरी व्यक्ति कार्यक्रम देखता, तो उसे यही लगता कि यह किसी संगठन विशेष का वार्षिक अधिवेशन चल रहा है।”
जनता की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो
गरीबों के कल्याण के नाम पर आयोजित इस सरकारी कार्यक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे विवाह घोटाले और अव्यवस्था की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि अपात्रों से रिकवरी हो सके और दोषी अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए।
